रायपुर। केंद्र सरकार के चार नए श्रम कानूनों के विरोध में देशभर में श्रमिक संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन का रायपुर में व्यापक असर नहीं दिखा। ट्रेड ऑफ कॉमर्स और अन्य प्रमुख व्यापारिक संगठनों का समर्थन नहीं मिलने से शहर में हड़ताल बेअसर रही। मालवीय रोड, एमजी रोड, सदर बाजार, पंडरी कपड़ा मार्केट और लाखे नगर जैसे प्रमुख बाजारों में दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं और ग्राहक रोजमर्रा की तरह खरीदारी करते नजर आए। शहर में यातायात भी सामान्य बना रहा।
छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में बंद का असर मिला-जुला रहा। रायपुर और बिलासपुर सहित कई शहरों में चैंबर ऑफ कॉमर्स के समर्थन के अभाव में व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज खुले रहे।
हालांकि, रायगढ़ जिले में ट्रेड यूनियन सदस्यों ने छाल कोल खदान के पास प्रदर्शन किया, जिससे चार कोयला खदानों का कामकाज प्रभावित हुआ और कोयला परिवहन ठप रहा। भिलाई स्टील प्लांट के मुख्य द्वार पर भी प्रदर्शन हुआ। मनेन्द्रगढ़ और कोरबा की खदानों में एक दिवसीय हड़ताल से उत्पादन प्रभावित रहा। यूनियनों ने नए श्रम कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग दोहराई।
