कवर्धा। जिले में धर्मांतरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब ‘घर वापसी’ अभियान ने गति पकड़ ली है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा की पहल पर दमगढ़ क्षेत्र के चार गांवों के 14 परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल सनातन धर्म में वापसी की है। इस अवसर पर कुल 66 सदस्यों का पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत किया गया।
घर वापसी कार्यक्रम के दौरान विधायक भावना बोहरा ने स्वयं उपस्थित रहकर लौटने वाले परिवारों का पैर पखारकर सम्मान किया और उन्हें उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही।
ग्रामीणों का कहना है कि ये परिवार लंबे समय से मिशनरियों के संपर्क में थे, लेकिन अब उन्होंने स्वेच्छा से अपने मूल धर्म और परंपराओं में लौटने का निर्णय लिया है।
क्षेत्र के लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ मिशनरी एजेंट शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की कमी का लाभ उठाकर आदिवासी परिवारों को भ्रम और प्रलोभन में डालते हैं। कई परिवारों ने बताया कि वादे पूरे न होने और अपनी सांस्कृतिक पहचान से दूरी के कारण उन्होंने घर वापसी का फैसला किया।
इस मौके पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी समाज की आस्था और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में अब तक लगभग 265 लोग सनातन धर्म में वापसी कर चुके हैं। इस अभियान को लेकर क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
