भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फॉर्च्यून ब्रांड के फोर्टिफाइड सनफ्लावर ऑयल को निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं पाए जाने के बाद AWL Agri Business Ltd पर जुर्माना लगाया है। रेफरल लैब की जांच में भी विटामिन D की मात्रा तय मानक से कम पाई गई।
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फॉर्च्यून कुकिंग ऑयल FSSAI जुर्माना 2026 मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए AWL Agri Business Ltd पर जुर्माना लगाया है। कंपनी पर यह कार्रवाई उसके फॉर्च्यून ‘फ्रायोला’ रिफाइंड सनफ्लावर सीड ऑयल के एक सैंपल के खाद्य गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद की गई।
FSSAI के अनुसार, गोवा स्थित ताज फोर्ट अगुआड़ा रिसॉर्ट एंड स्पा से फॉर्च्यून फ्रायोला रिफाइंड सनफ्लावर सीड ऑयल (1 लीटर) का नमूना लिया गया था। प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला में जांच के दौरान यह नमूना Food Fortification Regulations, 2018 के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
विटामिन A और D की मात्रा कम मिली
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि तेल में विटामिन A और विटामिन D की मात्रा निर्धारित सीमा से कम थी। इसके आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उत्पाद को सब-स्टैंडर्ड (Sub-standard) घोषित किया गया।
अपील के बाद भी रिपोर्ट नहीं बदली
कंपनी ने इस निर्णय के खिलाफ अपील की, जिसके बाद नमूने को रेफरल प्रयोगशाला भेजा गया। दोबारा हुई जांच में भी विटामिन D का स्तर निर्धारित मानकों से कम पाया गया, जिससे शुरुआती रिपोर्ट की पुष्टि हो गई।
FSSAI ने लगाया जुर्माना
जांच रिपोर्ट के आधार पर सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने अभियोजन की मंजूरी दी। इसके बाद गोवा के न्यायनिर्णयन अधिकारी (Adjudicating Officer) ने सुनवाई के बाद कंपनी पर जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।
हालांकि, FSSAI ने जुर्माने की राशि सार्वजनिक नहीं की है। खाद्य सुरक्षा नियामक ने हाल के समय में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न खाद्य कंपनियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, एनर्जी ड्रिंक और अन्य उत्पाद निर्माताओं के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई तेज की है।
