रायपुर। मई महीने की शुरुआत राजधानी रायपुर के लिए महंगाई की बुरी खबर लेकर आई है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में करीब 1000 रुपए की बढ़ोतरी हो गई है, जिसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और नाश्ते के कारोबार पर पड़ा है। इसके चलते खाने-पीने की चीजों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है।
सिलेंडर की किल्लत और ब्लैक में खरीदारी
कारोबारियों का कहना है कि उन्हें जितने सिलेंडरों की जरूरत होती है, उतने मिल नहीं पा रहे हैं। पहले जो सिलेंडर लगभग 2000 रुपए में मिल जाता था, अब वही 4000 रुपए में और ब्लैक में 5000 रुपए तक में खरीदना पड़ रहा है। कई व्यापारियों को सप्ताह में केवल एक सिलेंडर ही मिल पा रहा है, जबकि उन्हें रोजाना 1-2 सिलेंडर की जरूरत होती है।
अंतरराष्ट्रीय कारणों का असर
व्यापारियों के अनुसार अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे लंबे समय से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी बनी हुई है।
नाश्ते के दाम में बढ़ोतरी
सिलेंडर की किल्लत का असर सबसे पहले नाश्ते की दुकानों पर दिखा है। छोटे और बड़े सभी दुकानदारों ने दाम 10 से 20 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। पहले जो समोसा 20-30 रुपए प्लेट मिलता था, वह अब 30-40 रुपए हो गया है। कचोरी, बड़ा और अन्य नाश्ते भी महंगे हो गए हैं। ढोकला 60 से बढ़कर 70 रुपए तक पहुंच गया है।
सड़क किनारे ठेलों पर इडली, डोसा और सांभर-बड़ा जैसे व्यंजनों के दाम भी 10-20 रुपए तक बढ़ गए हैं।
रेस्टोरेंट और शादियों पर असर
रेस्टोरेंट में खाने की थाली के दाम करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। जहां पहले 200 रुपए में थाली मिलती थी, अब उसके लिए 250 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। बड़े रेस्टोरेंट में 600-800 रुपए की थाली अब 800 से 1000 रुपए तक पहुंच गई है।
शादियों में कैटरिंग का खर्च भी बढ़ गया है। पहले 800 रुपए की प्लेट अब करीब 1000 रुपए हो गई है, और महंगे मेन्यू में 2000 रुपए तक की प्लेट में भी 25 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है।
व्यापारियों की प्रतिक्रिया
और बढ़ सकते हैं दाम
शादियों के खाने की प्लेट के दाम 25 फीसदी तक बढ़े हैं। सिलेंडर और महंगा होने से दाम और बढ़ने की संभावना है।
– जसपाल होरा, कैटरिंग कारोबारी
नाश्ते के दाम में इजाफा
सिलेंडर की किल्लत के कारण नाश्ते के दाम में 10 से 20 रुपए तक का इजाफा सभी ने किया है। छोटे से लेकर बड़ी दुकानों में दाम मजबूरी में बढ़ाने पड़े हैं।
संजय विरानी, संचालक, स्वीट इंडिया
