रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी किसान मोर्चा द्वारा 26 जनवरी, संविधान लागू होने के दिन, “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथयात्रा” का शुभारंभ किया जाएगा। यह रथयात्रा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल दुबे के नेतृत्व में निकाली जाएगी। किसान मोर्चा ने आरोप लगाया है कि महासमुंद के जिलाधीश द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है और छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता को बंधक बनाकर छत्तीसगढ़ियों का शोषण किया जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि इस कथित अन्याय के विरुद्ध आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
हांडीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे महामाया मंदिर में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस महाआरती में जी.पी. चंद्राकर, दीनदयाल वर्मा, जगेश्वर प्रसाद, लालाराम वर्मा, वेगेंद्र सोनबेर, छन्नू साहू, विमल ताम्रकार, चेतन देवांगन, शिवनारायण ताम्रकार, अशोक कश्यप, श्यामू राम सेन सहित 51 छत्तीसगढ़िया समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ी महिला समाज की पदाधिकारी भी विशेष रूप से सहभागिता करेंगी।
महाआरती के पश्चात रथयात्रा निकाली जाएगी। वहीं 18 जनवरी को रथयात्रा के रूट चार्ट और जिला स्तरीय प्रभारियों की घोषणा की जाएगी। साथ ही 23 जनवरी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से सदस्यता अभियान प्रारंभ कर पहले चरण में 5 लाख नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। किसान मोर्चा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
