रायपुर स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। निदेशक डॉ. पी.के. राय ने अभियान का शुभारंभ करते हुए युवाओं को नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
रायपुर। भारत सरकार के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत मंगलवार को रायपुर स्थित आईसीएआर–राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-एनआईबीएसएम) में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 100 सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए वृक्षारोपण, खेलकूद और सामाजिक सेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा उनमें पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने अशोक का पौधा रोपकर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं करते, बल्कि स्वस्थ और समृद्ध समाज की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और सुरक्षित भविष्य का संदेश देता है।
डॉ. राय ने युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज की सबसे बड़ी प्रेरणा है। उनके अनुसार, “नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएंगे। वृक्षारोपण ऐसा ही एक सशक्त माध्यम है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करता है।”
कार्यक्रम में संस्थान के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य कार्मिकों ने मिलकर संस्थान परिसर में लगभग 75 अशोक के पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा एवं डॉ. अनिल दीक्षित ने भी पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
संस्थान के अनुसार यह वृक्षारोपण अभियान युवाओं को प्रकृति से जोड़ने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और विकसित तथा नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम का सफल समन्वयन डॉ. के.सी. शर्मा ने किया।
