छत्तीसगढ़

नक्सल विरोधी अभियान में कांग्रेस ने कोई सहयोग नहीं किया : अमित शाह

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक हुई। अमित शाह ने कहा कि सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और बलिदान के कारण देश में 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद के सम्पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य हासिल कर लिया गया। अक्सर यह कहा जाता रहा कि विकास की कमी के कारण नक्सलवाद पनपा, लेकिन वास्तविकता यह है कि नक्सलवाद ही विकास में सबसे बड़ी बाधा बना। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार से उन्हें नक्सल उन्मूलन में सहयोग नहीं मिला।
अब 19 मई से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास की नई परिकल्पना की शुरुआत की गई है। जिन इलाकों में कभी सुरक्षाबलों के बड़े कैंप स्थापित थे और जहां CRPF तथा DRG के लगभग 270 जवान क्षेत्र की सुरक्षा में तैनात रहते थे, वहां अब विकास के नए केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद 70 कैंपों में से लगभग एक-तिहाई कैंपों को ‘वीर शहीद गुंडाधर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन सेवा केंद्रों में बैंकिंग, डिजिटल सेवाएं और शासन की विभिन्न योजनाओं की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साथ ही यहां प्राथमिक शाला, आंगनबाड़ी और अन्य जरूरी सेवाएं भी संचालित की जाएंगी, ताकि ग्रामीणों को विकास से जुड़ी हर सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सके। यह केंद्र केवल प्रशासनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र भी बनेंगे। विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके तहत प्रत्येक आदिवासी महिला को पशुपालन से जोड़ने की योजना है। सरकार द्वारा गाय और भैंस उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है, ताकि महिलाएं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें और अपना स्थानीय बाजार विकसित कर सकें।

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