रायपुर । ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम जॉब के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कार्रवाई करते हुए रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने महाराष्ट्र और राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों के 14 थाना और साइबर सेल में पहले से शिकायतें दर्ज हैं।
24 लाख की साइबर ठगी से हुआ था खुलासा
थाना राखी क्षेत्र के निवासी पारस कुमार धीवर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर उनसे करीब 24 लाख रुपये की ठगी की गई है। शिकायत के आधार पर थाना राखी में अपराध क्रमांक 224/24 के तहत धारा 318(4) और 3(5) भारतीय न्याय संहिता में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर ने मामले की गहन जांच करते हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम प्लेटफॉर्म से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ठगी में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान की गई।
इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों को महाराष्ट्र और राजस्थान भेजा गया, जहां सुनियोजित रेड कार्रवाई कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
उत्पल पंचारिया (21 वर्ष), निवासी मेघवाल बस्ती, पौटा सी रोड, आकाशवाणी के पीछे, जोधपुर, राजस्थान
रोहित बबन कौलगे (31 वर्ष), निवासी हरिपुर, दत्त पार्क, सांगली, महाराष्ट्र
सुमित श्रीनिवास राठी (41 वर्ष), निवासी आनंदी अपार्टमेंट, चेतना पेट्रोल पंप के पास, सांगली, महाराष्ट्र
देशभर में दर्ज हैं मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर लोगों को ठग चुके हैं। इनके खिलाफ अलग-अलग 14 थाना और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की पूरी नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन जॉब या निवेश के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
