नई दिल्ली। 2025 में बड़ी बिकवाली के बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति 2026 में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में एफआईआई ने 30,332 करोड़ रुपए की बिकवाली की। पूरे वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 2,40,193 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, प्राइमरी मार्केट में एफआईआई का निवेश 73,909 करोड़ रुपए रहा, जिससे शुद्ध बिकवाली कम होकर 1,66,283 करोड़ रुपए हो गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, 2025 में यह एफआईआई द्वारा अब तक की सबसे बड़ी बिकवाली है। विदेशी निवेशकों ने ऊंचे बाजार मूल्य और ‘एआई ट्रेड’ के कारण बिकवाली की, जिससे रुपए का डॉलर के मुकाबले लगभग 5 प्रतिशत अवमूल्यन हुआ।
एनालिस्ट ने कहा कि 2026 में एफआईआई रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि मजबूत जीडीपी वृद्धि और कंपनियों की आय में सुधार की संभावना विदेशी निवेशकों की वापसी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने एफआईआई की बिकवाली की भरपाई के लिए लगातार खरीदारी जारी रखी। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, डीआईआई ने नवंबर में 8.7 अरब डॉलर का निवेश किया, जो लगातार 28वें महीने की खरीदारी को दर्शाता है।
