रायपुर । नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में आयोजित इस कार्यशाला में पुलिस और न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ
कार्यशाला का उद्घाटन पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने NDPS मामलों की गंभीरता पर चर्चा की।
125 पुलिस अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में रायपुर पुलिस और रायपुर ग्रामीण के करीब 125 विवेचक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्हें NDPS एक्ट के तहत जांच की प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन और कानूनी बारीकियों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताईं जांच की बारीकियां
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज सिन्हा और शैलेश शर्मा ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जांच के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उन्हें सुधारने के तरीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
नशे के बढ़ते खतरे पर जताई चिंता
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने युवाओं में बढ़ते नशे के चलन पर चिंता जताई और कहा कि मजबूत जांच और साक्ष्य के जरिए ही दोषियों को सजा दिलाई जा सकती है।
प्रश्नोत्तर सत्र में समाधान
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की।
इस कार्यशाला का उद्देश्य NDPS मामलों में दोष सिद्धि दर बढ़ाना और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
