रायपुर। रायपुर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर देशभर में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। यह कार्रवाई दिल्ली एनसीआर में की गई, जहां आरोपियों ने गौर सिटी मॉल में कॉल सेंटर खोल रखा था।
बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी
मामला तब सामने आया जब मुजगहन थाना क्षेत्र के निवासी परमजीत सिंह चड्डा ने शिकायत दर्ज कराई। उन्हें फोन कर बताया गया कि उनकी बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि करीब 98 लाख रुपये है, जिसे प्राप्त करने के लिए प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज जमा करने होंगे।
झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग किश्तों में कुल 9.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है।
महिला बनकर करते थे बात
जांच में सामने आया कि आरोपी आवाज बदलकर महिला बनकर बात करते थे, ताकि लोगों को आसानी से भरोसे में लिया जा सके। वे फर्जी बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे।
9 महीने से चल रहा था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरोह पिछले करीब 9 महीने से सक्रिय था और बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि दिलाने या लोन दिलाने के नाम पर लोगों को ठग रहा था।
दिल्ली में रेड, तीन आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर दिल्ली में दबिश दी। रेड के दौरान कॉल सेंटर से तीन आरोपियों—अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंकू सिंह (सभी निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश)—को गिरफ्तार किया गया।
उनके कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।
देशभर में फैला था जाल
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे देशभर में लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने किन-किन राज्यों में वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की एंटी क्राइम और साइबर यूनिट जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और बिना सत्यापन के किसी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
