रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण युवाओं की प्रतिभा, कौशल और नवाचार की शक्ति से ही संभव है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीखने की क्षमता, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और व्यावहारिक कौशल ही भविष्य की सफलता तय करेंगे।
वित्त मंत्री सोमवार को भिलाई स्थित Rungta International Skills University में आयोजित Vidyarambh 2.0 Orientation कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रसिद्ध उद्यमी, लेखक और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू, रुंगटा समूह के अध्यक्ष संतोष रुंगटा, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और नवाचार आधारित नीतियों ने देश के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय Gen Z का है और यही पीढ़ी विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि रायगढ़ जिले के छोटे से गांव बायंग से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और फिर सार्वजनिक जीवन तक का उनका सफर यह साबित करता है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। उन्होंने कहा कि बचपन में पिता के निधन के बाद उनकी माता ने कठिन परिस्थितियों में भी उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला दिया।
वित्त मंत्री ने बताया कि अपनी माता की पेंशन संबंधी समस्या को लेकर कलेक्टर कार्यालय जाने का अनुभव उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। उसी दिन उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया और स्वाध्याय, अनुशासन तथा निरंतर प्रयास के बल पर अपने लक्ष्य को हासिल किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बदलते समय के साथ स्वयं को लगातार अपडेट करना जरूरी है। नई-नई स्किल सीखने, जीवनभर सीखने की आदत विकसित करने और नवाचार को अपनाने से ही सफलता मिल सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, राजनीति, आधुनिक कृषि और निवेश जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सफलता का आधार भी निरंतर सीखने की प्रवृत्ति रही है।
श्री चौधरी ने युवाओं को संघर्ष से घबराने के बजाय उसे अपनी ताकत बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चुनौतियां व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं और बड़े लक्ष्य हासिल करने की क्षमता प्रदान करती हैं।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की तुलना दूसरों से न करें, बल्कि उनकी मौलिक प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि असाधारण सफलता वही लोग हासिल करते हैं, जो पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नवाचार और रचनात्मकता का रास्ता चुनते हैं।
कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों से ज्ञान, कौशल, नवाचार और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही गुण उन्हें व्यक्तिगत सफलता के साथ विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाएंगे।
